Sunday, September 17, 2023

झामुल ग्राम में 18 ग्राम पंचायत की जनता एकत्रित होकर बैहर को जिला बनाने, अपनी आवाज को बुलन्द किया, 23 सितंबर को सम्पूर्ण क्षेत्र बन्द रहेगा


 बैहर जिला बनाओ संघर्ष समिति सालेटेकरी जोन के माध्यम से झामुल ग्राम में 18 ग्राम पंचायत क्षेत्र की जनता एवं जनप्रतिनिधि हज़ारों की संख्या में एकत्रित होकर झामुल में विशाल आमसभा का  आयोजन बैहर जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक सूरज  ब्रम्हे की  मुख्य  आतिथ्य  तथा बैहर जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष एफ. एस .कमलेश की अध्यक्षता में  आयोजित की गई। बैठक में 18 ग्राम पंचायत के सरपंच  जनपद सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य , पंच तथा क्षेत्र वासी  उपस्थित  थे। कार्यक्रम  को संबोधित करते हुवे  सूरज ब्रम्हे ने बैहर  का इतिहास  बताते  हुवे  कहा  कि बैहर

155 वर्ष पुरानी तहसील है जो अंग्रेज शासन काल के दौरान 1867 मे बनी थी। श्री ब्रम्हे ने  बताया  कि 1867 में जब  बालाघाट  को जिला  बनाया  गया  था  उस  समय  बालाघाट  की दो  तहसील  बनी  थी  बालाघाट और बैहर, आपने बताया कि सरकार ने बैहर से भी छोटी  से  छोटी  तहसील  को जिला  बना  दिया है किन्तु बैहर  को जिला नही बनाया जा रहा  है। 23 सितंबर को सम्पूर्ण क्षेत्र बन्द का  आह्वान  किया  गया  है। 23 सितंबर को बैहर, बिरसा, परसवाडा, उकवा , गढ़ी , सम्पूर्ण  क्षेत्र  बन्द  रहेगा यदि  सितंबर माह में  चुनाव के पूर्व बैहर जिला नही बनता तो चुनाव का  बहिष्कार  करेगें।

सभा को  सम्बोधित करते हुवे  एफ.एस. कमलेश ने कहा कि अब हमें इन दोनों  विधायकों की जरूरत  नही है। क्योंकि ये दोनों ने कभी भी बैहर को जिला बनाने की मांग नही उठाई । आपने कहा कि जो बैहर जिला बनाओ के साथ नही है समिति ऐसे  व्यक्ती  को  मंच पर चड़ने नही देगी। आपने कहा  कि बैहर विधान सभा से जब तक ये दोनो को हटाएंगे तब तक बैहर जिला नही बन पायेगा । सालेटेकरी समिति  ने मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन  के नाम  दिए गए  ज्ञापन में लिखा है , कि अनेकों आन्दोलन - प्रदर्शन एवं  रैली निकाल कर प्रशानिक अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन देकर तथा अनेकों बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को स्वयं मिलकर ज्ञापन सौंपकर बैहर को जिला बनाने की मांग की जा चुकी है।

किन्तु मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बैहर से भी छोटी से छोटी तहसील को जिला बना दिया गया  लेकिन बैहर को जिला नही बनाया जा रहा है। अभी हाल ही में सरकार द्वारा मात्र एक तहसील और एक उप तहसील को जोड़कर पांढुरना को जिला बनाया गया है। जबकि बैहर पांढुरना से 10 गुना बड़ा है और हर दृष्टि से जिला बनाए जाने योग्य है फिर भी बैहर को जिला नही बनाया जा रहा है। जिससे बैहर, बिरसा एवम परसवाड़ा तहसील क्षेत्र की जनता आक्रोशित होकर बैहर क्षेत्र में लगातार जनता के बीच जाकर जन सभाओं के माध्यम से तथा बैठक लेकर बैहर जिला बनने से फायदा बताकर क्षेत्र की जनता को एक करने का काम कर रहे हैं ।  बैहर को जिला बनाने के सम्बन्ध में पूर्व में भी बैहर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री , केंद्रीय चुनाव आयोग भारत सरकार एवम महामहिम राज्यपाल, मा.मुख्यमंत्री तथा राज्य चुनाव आयोग मध्यप्रदेश शासन के नाम ज्ञापन सौंपा कर अवगत कराया जा चुका है

कि यदि चुनाव पूर्व बैहर को जिला नही बनाया जाता है  तो चुनाव का बहिष्कार किया जायेगा। क्योंकि यह क्षेत्र जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है जिससे यह क्षेत्र अति संवेदनशील क्षेत्र है। बैहर जिला नही होने से इस क्षेत्र में धीरे - धीरे नक्सलाइट अपना पैर पसार रहें हैं। इस क्षेत्र के अंतिम गांव से जिला मुख्यालय की दूरी 160 से 165 किलो मीटर दूर है । जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण जंगलों और पहाड़ों से गुजर कर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। जिससे जंगली जानवरों एवम नक्सलाईटो का भय बना रहता है। यह क्षेत्र वन सम्पदा, खनिज सम्पदा, एवम प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है साथ ही एशिया की सबसे प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क जो की बैहर से मात्र 15 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। बैहर से 22 किलो मीटर की दूरी पर मलाजखण्ड कॉपर माइन्स है जो एशिया की सबसे बड़ी कॉपर माइन्स है जिससे सरकार को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपिये प्राप्त होता है। किन्तु बैहर जिला नही होने के कारण यहां का राजस्व इस क्षेत्र में ना लगाते हुवे दूसरे क्षेत्र में लगाया जाता है। जिससे यह क्षेत्र विकास की दृष्टि से काफी पिछड़ा हुआ है। बैहर जिला नही होने से इस क्षेत्र में शिक्षा, चिकित्सा, और न्याय पाने के लिए बालाघाट जिला मुख्यालय जाना पड़ता है जो 160 किलो मीटर दूर है।

बैहर क्षेत्र में तीन उप तहसील हैं, दो विधान सभा है, तीन जनपद है, 49 जनपद सदस्य हैं,  दो नगर पालिका है, 39 पार्षद  हैं,  6 जिला पंचायत क्षेत्र है, 172 ग्राम पंचायत है, 2850 पंच  हैं,  437 राजस्व ग्राम है, 88 वन ग्राम है, 22 वीरान ग्राम है, बैहर 2 लाख 51 हजार 571 हेक्टेयर भूमि में बसा है। 10 लाख के ऊपर जनसंख्या है, ये सारी जानकारी शासन - प्रशासन को अनेकों बार देने के पश्चात भी सरकार के द्वारा बैहर को जिला नही बनाया जाना बैहर क्षेत्र वासियों के साथ अत्याचार किया जा रहा है। सभा समापन के पश्चात बिरसा  तहसीलदार महोदय को मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन के नाम  ज्ञापन सौपा  गया। सभा  को अन्य  वक्ताओं  ने भी  सम्बोधित  किया।

कार्यक्रम में विशेष  रूप  से जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक - सूरज ब्रम्हे, एफ. एस.कमलेश - अध्यक्ष , उपाध्यक्ष - साजन दास बोरकर,  महिला शाखा की अध्यक्ष  श्रीमती सत्या वल्के - अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ,  युवा शाखा  के अध्यक्ष रवि सोनी, मनोज सय्याम- महामंत्री,  हेमंत साहू  प्रवक्ता , सुनील  टेकाम महामंत्री,  देवी लाल पांचे अध्यक्ष सालेटेकरी जोन , लालाधार सिंह मरकाम, दिनेश यादव, गंगाराम वाहने, दादू राम मानेश्वर, हरिराम यादव, धनेश्वर बहेश्वर, भीखू राम बाहेश्वर एवं सैकड़ों पदाधिकारी सरपंच जनपद सदस्य , एवम जिला पंचायत उपस्थित रहे।

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