Sunday, June 7, 2020

वैदेही वेलफेयर फ़ोउन्डेशन (डा रूबी राज सिन्हा) हमेशा तरह तरह की मुहिम चलाकर जनता को जागरूक करने का काम करती ही रहती हैं. संस्था ने मुझे भी अपनी मुहिम का हिस्सा बना कर अपने विचार रखने का मौका दिया.

28 दिन का मासिक चक्र होता है  इस लिए 28मई को माहवारी दिवस मनाते हैं समाज की अनेक महिलाओं बालिकाओ को सैनेटरी पैड देकर उसको उपयोग करने और फेकने के तरीके बता कर स्वच्छ रहने के लिए जागरूक किया .क्योकी नारी स्वस्थ रहेगी तभी हमारा देश. समाज और घर सुरझित रहेंगे.
 महावारी कोई अभिशाप या अपवित्र नही है ये तो ईश्वर का दिया वो तोफा है जिससे नारी जननी बनी और संसार की रचना हुई. अगर नारी अपवित्र है तो सारी दुनिया अपवित्र है.
 " मासिक धर्म है कोई शर्म नही
 मंदिर मे प्रवेश नही. जब की उनका कोई दोष नहीं " ???
    डा रूबी राज सिन्हा बैदेही वेलफेयर फाउनडेशन की फाउंडर सवंम  एक डाक्टर और महिला हैं इस लिए वो हर मुहिम को बडी निपुणता से करती हैं उनकी मै प्रशंसा करती हू और हमेशा उनकी मुहिम का हिस्सा बनने मे अपना स्वभाग समझती हूँ.
            शिखा सिंह
          (समाज सेविका)

मिस्सी रोटी, अचार और प्याज , नमकीन लस्सी दी , श्री बेदी ने बताया गुरुजी का सारा जीवन मानव सेवा में समर्पित रहा

उत्तर प्रदेश के जिला फिरोजाबाद तहसील टूंडला में दिनांक 6/6/20 दिन शनिवार को संस्था आप और हम राष्ट्रीय भ्रष्टाचार अपराध मुक्ति संगठन की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी एस बेदी के नेतृत्व में सर्वमानव जाति गुरु एवं  सिखों के छठवें गुरु , मीरी पीरी के मालिक

साहिब श्री गुरु हरगोबिन्द साहिब जी महाराज के पावन प्रकाश पुरब के उपलक्ष में संस्था द्वारा चलाई गरीबों की सेवा में चलाई जा रही रोटी बैंक राहत सेवा की ओर से गरीबों को  लंगर वितरण किया  जिसमें मिस्सी रोटी, अचार और प्याज , नमकीन लस्सी दी , श्री बेदी

ने बताया गुरुजी का सारा जीवन मानव सेवा में समर्पित रहा  गुरु जी मगल बादशाह जहांगीर की कैद से ग्वालियर की कैद से रिहा हुए तो  कुछ पहाड़ी राजाओं ने गुरु जी से सिफारिश की जहांगीर की कैद से हमको भी मुक्त कराओ , उस वक्त गुरु जी ने बादशाह को कहा तो उसने कहा जितने आपके चोला पकड़ कर जा सकते है वो आपके साथ रिहा कर दिए जाएंगे , गुरु जी ने 52 कली का चोला पहना ,और बामन राजाओं को रिहा कराया गुरुजी दो किरपान धारण कर ते थे धर्म और अधर्म के लिए
पदाधिकारी मौजूद
बी एस बेदी राष्ट्रीय अध्यक्ष ,  संजय दत्त राष्ट्रीय प्रभारी , साजिद अली मंडल अध्यक्ष आगरा , विपिन हलवाई , बंटी पाल,मंडल महासचिव आगरा , किशन हलवाई , उमेश राजवानी , सरदार मनमिंदर सिंह सं टी , तेजिंदर कौर गोल्डी , सतनाम कौर ,

Saturday, June 6, 2020

सैफी सघंर्ष समिति (पंजी.) द्वारा फरमान सैफी प्रचार मंत्री शामली मनोनीत

शामली:- हमेशा से हिन्दू मुस्लिम एकता व भाईचारे की मिसाल रहा सैफ़ी समाज का अपना राष्ट्रीय संगठन सैफ़ी संघर्ष समिति पंजीकृत के कुनबा बढ़ाओ अभियान को आगे बढ़ाते हुए "सैफ़ी संघर्ष समिति" पंजीकृत के राष्ट्रीय अध्यक्ष हसीन अहमद सैफ़ी के निर्देशानुसार व संगठन की कोर कमेटी उत्तर प्रदेश की सहमति के बाद उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ड़ा आबिद सैफ़ी उर्फ (सैफ़ी हिंदुस्तानी) द्वारा सलेख विहार (शामली) निवासी फरमान सैफ़ी पुत्र यामीन सैफ़ी की समाज के प्रति निष्ठा एवं लगन शीलता को देखते हुए जिला शामली का प्रचार मंत्री मनोनीत किया गया।
नवनियुक्त प्रचार मंत्री फरमान सैफी ने कहा सैफी संघर्ष समिति पंजीकृत द्वारा मुझ पर विश्वास करके प्रचार मंत्री का दायित्व देने के लिए में राष्ट्रीय अध्यक्ष हसीन सैफी व प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सलाहकार डॉ आबिद सैफी (सैफी हिन्दुस्तानी) के साथ साथ समस्त सैफी संघर्ष समिति पंजी टीम का दिल से आभार व्यक्त करता हूं ओर अधिक मजबूती प्रदान करते हुए सैफी संघर्ष समिति पंजीकृत की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करूंगा।

Friday, June 5, 2020

वर्चुअल क्लासरूम अब न्यू नॉर्मल- शालिनी अवस्थी


कोरोना महामारी के कारण विश्व स्तर पर शिक्षा प्रणाली में इस वर्ष सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है।इस कोरोनावायरस के प्रकोप ने छात्रों और शिक्षकों को स्कूल और कक्षाओं से बाहर होने के लिए मजबूर किया। स्कूल बंद होने से शिक्षा पर फुल स्टॉप लग गया है। इस दौरान सूचना और संचार प्रौद्योगिकी(आईसीटी) हमें शिक्षण और सीखने का एक नया तरीका या कहे एक मध्यम प्रदान करता है। पूरे भारत में प्राथमिक स्तर के छात्रों सहित लगभग सभी स्कूल अब नए सामान्य जिसको "वर्चुअल क्लासरूम या ई-लर्निंग" कहा जाता है के जरिए क्लासेज कर रहे है।ऑनलाइन कक्षाओं के शुरू होने के बाद,

शिक्षकों और अभिभावकों ने छात्रों को उनके स्वयं के शेड्यूल को पूरा करने में मदद की और शिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए पढ़ने और सीखने में उनकी रुचि को प्रेरित किया हैं।कई शिक्षक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन, एनीमेशन क्लिप और प्री रिकार्डेड वीडियो का उपयोग कर रहे हैं क्योंकि यह सीखने में छात्रों के रूचि को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।शिक्षक अपने ऑनलाइन शिक्षण और प्रेजेंटेशन एवं एक्सप्लनैशन कौशल में लगातार सुधार कर रहे हैं।न केवल छात्र,बल्कि शिक्षक भी अब धीरे-धीरे ऑनलाइन टीचिंग की लय को अपना रहे हैं।

इसमें वर्चुअल क्लासेज को करने के लिए यूज़ मे होने वाले कुछ ऍप्स है , जैसे गूगल मीट, गूगल क्लासरूम, ज़ूम, व्हाट्सएप वीडियो कांफ्रेंसिंग, स्काइप इत्यादि का उपयोग करके कंप्यूटर और मोबाइल उपकरणों से पढ़ाई को जारी रखने मे सफलता मिली है।

वर्चुअल क्लासरूम के लाभ :

1) इससे सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करके कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने मे मदद मिली।
2) पढ़ाई को जारी रखा जा सका।पढ़ाई उतनी इफेक्टिव भले ही ना रही हो पर लर्निंग को कंटिन्यू रखा गया।
3) छात्रों  को एक नया लर्निंग एक्सपीरियंस मिला जिसमे उन्होंने शिक्षा के लिए ऑनलाइन डिवाइस का यूज़ जाना।
4) ज्यादा से ज्यादा लोग अब कम्यूटर एंड इंटरनेट फ्रैंडली हो गये है या हो रहे हैं।
5) बच्चों की पढ़ाई मे पेरेंट्स का ध्यान देना ।
6) ये समय का सही सदुपयोग साबित हुआ ।

वर्चुअल क्लासरूम के दुष्प्रभाव :

1) लम्बे समय तक मोबाइल एवं कंप्यूटर पर देखने से आँखों पर ज़ोर पड़ना ।
2) कुछ रिपोर्ट्स के अकॉर्डिंग ऑनलाइन क्लासेज के दबाव मे बच्चों मे अवसाद एवं स्ट्रेस को भी पाया गया ।
3) ऑनलाइन क्लास के बाद इ -वर्कबुक से होमवर्क करने तथा उसे फिक्स्ड समय के अंदर जमा  करने का प्रेशर ।
4) लम्बे समय तक ऑनलाइन डिवाइसेस के इस्तेमाल से बच्चों मे थकान का होना ।
5) जिन घरों मे कंप्यूटर नहीं  है या सिर्फ एक ही फ़ोन है और बच्चे 2 या 3 है उनकी एक ही समय पर क्लास का लगना और वो अटेंड ना कर पाना और क्लास का नुकसान होना ।
6) शिक्षिका और छात्रों के बीच मे काम इंटरेक्शन होना।
7) पेरेंट्स पर भी बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई  की मॉनिटरिंग का वर्क लोड बढ़ा ।

यह ऑनलाइन लर्निंग आने वाले समय के लिए विकास का प्रतिनिधित्व कर सकता है और अब एक न्यू नार्मल या कहे सामान्य जैसा हो गया है जिसको शिक्षिकाओं और छात्रों दोनों ने ही बहुत साहस,लगन और इंटरेस्ट से लिया है और जारी रखा है ।परतुं ये ऑनलाइन विकल्प कभी भी फिजिकल क्लासरूम को रेप्लस नहीं कर सकता । प्रतिदिन फेस टू फेस क्लासरूम के अलग ही महत्व हैं ।कक्षाओं में, शिक्षा एक सामाजिक प्रक्रिया है, जिसमें छात्रों को एक दूसरे के साथ इंटरेक्शन एवं व्यवहार करना सीखना होता है जो की वर्चुअल क्लासरूम से पॉसिबल नहीं है। स्कूल में एक छात्र के अनुभव उनके समाजीकरण के सबसे प्रभावशाली कारकों में से एक हैं जो की बहुत महत्वपूर्ण है ।

स्रोत- शालिनी अवस्थी (आईटी प्रोफेशनल एवं एडुकेटर)

भारत सरकार के सूचना और तकनीकी मंत्रालय द्वारा अनुमन्य संस्था CSC ई- गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड उत्तर प्रदेश ने अपने सभी कॉमन सर्विस सेंटरों के सहयोग से उत्तर प्रदेश में एक लाख पौधारोपण करने का लक्ष्य लेते हुए आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ कर दिया है

जनपद मुरादाबाद के सभी CSC केंद्र इस कार्यक्रम को आने वाले दिनों में  अभियान की तरह लेते हुए अपने पंचायत के नागरिको को जागरूक कर इस लक्ष्य को पूरा करने में योगदान लेंगे।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त/ राजस्व मुरादाबाद श्रीमती प्रीती जायसवाल  व जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मुरादाबाद श्री संजय अरोरा जी से मुलाकात कर  पौधा भेंट कर कलेक्ट्रट कंपाउंड मे  वृक्षारोपण किया इस मौके पर CSC जिला प्रबन्धक श्री इकराम वारिश, हिमांशु विश्नोई, अंकित शर्मा व EDM श्री अनुज भट्ट, हिमांशु बिष्ट, सर्वजीत सिंह विनोद सिंह मौजूद रहे |
वैसे तो जनपद में कॉमन सर्विस सेंटर संचालको द्वारा समय- समय पर तमाम सामाजिक कार्यक्रमों को संचालित कर अपने आस पास के आम जनमानस समेत सरकार की मदद को लाभ पहुँचाने का कार्य करते रहे है।  इनके माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान, स्वच्छता अभियान, गो ग्रीन गो डिजिटल, सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत हो या फिर श्रमयोगी / किसान मानधन पेंशन योजना सभी कार्यक्रमों में ये बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हुए जागरूक ही नहीं करते वरन् घर-घर गांव-गांव जाकर लाभार्थी पंजीकरण का भी कार्य करते है। 

वर्तमान में  कोरोना महामारी के समय में ये संचालक अपने गांव क्षेत्र के मसीहा बनकर लोगों की भोजन- पानी, नकद -निकासी, मास्क वितरण स्वच्छता जैसे कार्यों में लोगों की मदद कर रहे है। इनके इस कार्य को स्थानीय जनता में खूब सराहना मिल रही है।

Thursday, June 4, 2020

सैफ़ी हिंदुस्तानी ने की गहरी शोक-संवेदना व्यक्त

जफ़र अहमद सैफ़ी राष्ट्रीय संयोजक (ऑल इंडिया सैफ़ी कौंसिल) का हुआ निधन

लोनी। सैफ़ी समाज के सामाजिक संगठन सैफ़ी संघर्ष समिति पंजीकृत के राष्ट्रीय सलाहकार एवं उत्तर प्रदेश अध्यक्ष आबिद सैफ़ी उर्फ सैफ़ी हिंदुस्तानी ने दिल्ली निवासी ऑल इंडिया सैफ़ी कौंसिल के राष्ट्रीय संयोजक जफ़र अहमद सैफ़ी के निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की है। अपने शोक संदेश में सैफ़ी हिंदुस्तानी ने कहा है कि उनके निधन से सैफ़ी समाज के सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुयी है। सैफ़ी हिंदुस्तानी ने उनकी मग़फिरत की दुआ मांगी तथा उनके परिजनों एवं प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की अल्लाह से प्रार्थना की है।
आपको बता दे सैफ़ी हिंदुस्तानी के साथ हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष इनाम सैफ़ी आदि अपने समाज की एक बेटी के घर मे चली आ रही नाइत्तफाकी को ख़त्म करने के प्रयास से मुरादाबाद आये हुए थे। साथ मे मुरादाबाद से उत्तर प्रदेश प्रभारी अफ़ज़ल सैफ़ी भी साथ थे। इन सभी का प्रयास सफ़ल भी रहा। बहरहाल सैफ़ी हिंदुस्तानी मुरादाबाद से वापस लौटते समय लोनी निवासी सादिल सैफ़ी के पास खुशुशी मुलाकात करने के इरादे से पहुँचे उधर दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अख़लाक़ सैफ़ी प्रधानजी भी दिल्ली से लोनी पहुँच गये। ततपश्चात सोशल मीडिया के माध्यम से ख़बर मिली कि दिल्ली से ऑल इंडिया सैफ़ी कौंसिल के राष्ट्रीय संयोजक जफ़र अहमद सैफ़ी का निधन हो गया। ये बात सुनकर सब चकित रह गए। उसके बाद सभी ने मग़फिरत की दुआ मांगी सैफ़ी हिंदुस्तानी ने कहा कि सैफ़ी समाज ने एक ऐसा अनमोल धरोहर खो दिया जिसकी भरपाई होना बड़ा मुश्किल है।

Wednesday, June 3, 2020

अमानवीय: केरल में गर्भवती हथनी के साथ इंसानो द्वारा की गई क्रूरता की अमानवीय घटना सच मे विचलित कर देती है मन को, समझ नही आता कि कोई भी इंसान ऐसी अमानवीय हरकत कैसे कर सकता है

कोई भी इंसान कैसे एक भूखी प्यासी गर्भवती हथनी को फल की

जगह बम्ब दे सकता है, जो कि हथनी के पेट मे जाकर फट गया और उसकी मौत हो गई।

सृजन फाउंडेशन के 28 दिवसीय माहवारी स्वच्छता जागरूकता अभियान के 24वें दिन महिलाओं ने पीरियड्स और पूजा के संबंध में अपने विचार रखे

पीरियड्स में पूजा न करने देना एक सामान्य प्रक्रिया है। एक ओर हम लोग माँ कामाख्या की माहवारी की पूजा करते हैं और दूसरी ओर घर में महिलाओं को पूजा नहीं करने देते। यह नियम तब बने थे जब नहाने और पीने का पानी अलग अलग नहीं होता था। एक ही तालाब से नहाना और पानी पीना होता था। इन्फेक्शन न हो इसलिए महिलाओं को पीरियड्स के दिनों में नहाने से रोक दिया जाता था। जब वो नहाई नहीं होती थीं तो पूजा भी नहीं कर पाती थीं। समय बदला और पानी की व्यवस्था अलग अलग हो गयी लेकिन हम लोग अपने विचारों में परिवर्तन नहीं ला पाए। जिस माहवारी को भगवान ने ही दिया और जो सृष्टि चलाने का मुख्य कारण है उससे भगवान नाराज़ कैसे हो सकता है?

संगीता पाल - यह लाल रक्त कोई पाप नहीं, यह लाल रक्त कोई अभिशाप नहीं, यह देन है भगवान की, इससे बड़ा कोई वरदान नहीं। मासिक धर्म है कोई शर्म नहीं, क्यों मंदिर में प्रवेश नहीं, जब उनका कोई दोष नहीं।

नीरजा द्विवेदी ने एक पेंटिंग के माध्यम से इस पाखंड के लिए संदेश दिया- मंदिर के बाहर वो मौन खड़ी निःशब्द निःशक्त, तेरी रचना नारी को क्यों बांधता पाखंड है।

पूजा भारती उन लड़कियों में से हैं जिन्होंने इस तथ्य को समझा और पीरियड्स में भी पूजा करती हैं और उन्होंने अपनी ड्राइंग के माध्यम से यही प्रदर्शित किया कि हाँ मैं पीरियड्स में पूजा करती हूँ, जब भगवान ने ही इसे दिया तो हम पूजा क्यों न करें?

माँ कामाख्या की चूनर भी लाल
उनके माथे की बिंदिया भी लाल
ये शक्तिपीठ बन गया विशाल
भक़्ति का रंग भी होता लाल
इस दर पर भी आता है रक्त
दर्शन करने सब आते भक्त
उस माँ की सब पूजा करें
नारी का क्यों अपमान करें
इस रक्त को सब अभिव्यक्त करो
नारी को न प्रतिबद्ध करो
तुम ये न करो तुम वो न करो
क्यों ऐसी बात को करते हो
एक नारी का अपमान करके
उस माँ की पूजा करते हो
जिसने हमको ये बतलाया
क्यों उसका हमे अभिमान नही
माहवारी का आज भी इस युग में
कोई करता अभी सम्मान नही

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पीपुल्स एलायन्स ने गरीब लड़की की शादी की जिम्मेदारी लेकर परिवार के चहरे पर लाया मुस्कान

पीपुल्स एलायन्स ने गरीब लड़की की शादी में खाने-पीने की व्यवस्था की जिम्मेदारी लिया
सग़ीर ए ख़ाकसार
सिद्धार्थनगर:-पीपुल्स एलायंस ने मानवता की एक और मिसाल पेश की है।गरीब बिटिया की शादी में मदद करके बाप के चेहरे पर मुस्कान लाने के साथ साथ गरीब घर की बच्ची के घर को भी आबाद कर दिया ।बिटिया और उसके बाप ने इस नेक काम के लिए पीपुल्स टीम को दुआएँ दी और शुक्रिया भी अदा किया।
पीपुल्स एलायंस की टीम लॉक डाउन में प्रवासी मज़दूरों मज़दूरों को लगातार राहत सामग्री बांट रही है।ज़रूरत मंदों की मदद में जुटी है। जिले के  डुमरियागंज क्षेत्र के शेखुयां गांव में पीपुल्स एलायन्स संगठन ने गरीब लड़की की शादी में खाने-पीने की व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी लिया।लॉकडाउन के चलते लड़की के पिता की आर्थिक स्थिति बहुत नाजुक होने के नाते शादी करने में सक्षम नहीं थे।लड़की के पिता समसुद्दीन ने पीपुल्स एलायन्स से मदद के लिए कहा, जिसपर पीपुल्स एलायन्स ने उनकी जरूरत को देखते हुए खाने-पीने की व्यवस्था की जिम्मेदारी लिया।

ऐसे में पीपुल्स एलायन्स ने लड़की के पिता के आर्थिक स्थिति खराब और शादी के इंतेजाम न कर पाने को देखते हुए।गरीब लड़की के शादी कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिए।लड़की के शादी में मदद के लिए शाहरुख अहमद, अज़ीमुश्शान फ़ारूक़ी मौजूद रहे।

पीपुल्स एलायन्स पूरे प्रदेश से सक्रिय भूमिका से काम कर रहा है।कोरोना महामारी में लॉकडाउन के शुरू होने के बाद से ही गरीब, मजदूर, वंचित समाज और जरूरतमंद को राहत खाद्य सामग्री, मास्क, सेनिटाइजर और आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया।प्रदेश के बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों के मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया।महानगरों से प्रवासी मजदूरों के आने पर पीपुल्स एलायन्स ने 'प्रवासी मजदूर सहायता क्रेंद' बनाकर मजदूरों के खाने-पीने और आवश्यक वस्तुओं का वितरण भी लगातार कर रहा है।

Tuesday, June 2, 2020

मैं मुसलमान हूं , मै प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री नही बन सकता। क्योकि मेरी तादाद कम है और जातिवाद ज्यादा। लेकिन मैं कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, कमिश्नर, एसपी, डीएसपी तो बन ही सकता हूँ

लेकिन मै #निकम्मा हूं !!
मुझ से घंटो पढ़ाई नही होती, अगर मैं पढ़ने लग गया तो चौराहों की रौनकें ख़त्म हो जाएगी , जो मैं होने नही दूंगा ,
मैं पढ़ गया तो गुटखा, ताश पत्तियां छूट जाएगी जो की मैं छोड़ना नही चाहता!
मैं पढ़ गया तो मुहल्ले की रौनक कम हो जाएगी , दिन भर आवारा गर्दी इन्ही मुहल्ले में ही तो करता हूँ मैं।
हाँ काम नही है मेरे पास , लेकिन क्या फ़र्क़ पढता है। अल्लाह दो वक़्त की रोटी तो खिला ही देता है ना??

हां मैं #मुसलमान हूँ , और पैदा होते है एक सील ठप्पा लग गया था मेरी तशरीफ़ पर कि मै पंचर की दूकान खोलूंगा या हाथो में पाने पकड़ कर गाड़ियां सुधारूँगा , या बहुत ज्यादा हुआ तो दूसरों की गाड़ियां चलाऊंगा।।
हां मै मुसलमान हूँ , अपने भाइयो की टांग खिंचाई मेरा अहम काम है।।

आखिर मैं क्यों नही पढा ?? या मैं क्यों नही पढ़ पाया?
ये सवाल हो सकता है! लेकिन मैं अनपढ़ हूं इसमें शक नही!

हां मैं मुसलमान हूं , और हिंदुस्तान में 30 करोड़ हुँ , लेकिन मैं ज्यादातर अनपढ़ , गरीब गन्दी बस्तियों में ही हूं , इसका दोष मैं दुसरो पर मंढता हूं।। मै चाहता हूँ कि मेरे घर आंगन की झाड़ू लगाने भी सरकार आये।।

मैं मुसलमान हूं , घर के सामने अतिक्रमण करना भी मेरा अहम काम है।मैं पंद्रह फिट की रोड को आठ फिट की करने में भी माहिर हुँ।।फिर उस आठ फिट की रोड़ पर रिक्शा खडा करना भी मेरा अधिकार है।। हाँ मैं मुसलमान हूँ।। जिसका धर्म 'पाकी आधा ईमान', 'तालीम अहम बुनियाद है' मानने वाला है लेकिन मैं इस पर कभी अमल नही करता

मैं हमेशा #सउदी_अरब_दुबई जैसे देशों की दुहाई देकर अपनी बढ़ाई करता हूँ , लेकिन मैने हिंदस्तान में खुद पर कभी कोई सुधार नही किया , न मै सुधरना चाहता हूँ।।
हाँ मै मुसलमान हूं , मैं अनपढ़ हूँ , क्यों की माँ-बाप ने बचपन से ही गैरेज पर नौकरी लगाया और मैं गरीब घर से हुँ।।

बेहतर तालीम देने के लिए माँ-बाप के पास रुपया नही है। और मेरी कौम तालीम से ज्यादा लंगर को तवज्जोह देती है, वो खिलाने मात्र को सवाब समझती है।

मैं #मुसलमान हूं , मै खूब गालियां देता हूं, मै रिक्शा चलाता हूं, दूध बेचता हूं वेल्डिंग करता हूं।। मैं गैरेज पर गाड़िया सुधारता हु , मैं चौराहे पर बैठ कर सिगरेट पीता हूं , गांजा पीता हूं , ताश पत्ते खेलता हूं , क्योंकी मैं अनपढ़ हूं।।
और मैं अनपढ़ सिर्फ दो वजह से हूं।।
एक–माँ-बाप की लापरवाही, दूसरा–कौम के जिम्मदारो की लापरवाही।।
माँ-बाप मजबूर थे, लेकिन मेरी कौम मजबूर न थी, ना है! मैने आंखो से देखा है लाखो रुपयों के लंगर कराते हुए , मैने आँखों से देखा है लाखों रुपए कव्वाली पर उड़ाते हुए , मैने आँखों से देखा है बेइंतहा फ़िज़ूल खर्च करते हुए।।

काश!! मेरे माँ-बाप या मेरी कौम मेरी तालीम की फ़िक़्र मंद होती तो आज मै प्रधान मंत्री या मंत्री न सही ,  लेकिन मैं आज क्लेक्टर, एडीएम, कमिश्नर जैसे बड़े पदों पर होता।। बिना वोट पाये भी लाल बत्ती में होता, या कम से कम मैं डॉक्टर, इंजिनियर, आर्किटेक्चर, या एक अच्छा बिजनेस मैन तो होता ही।। लेकिन बचपन से मन में एक वहम घर कर गया है, "कि मियां तुम मुसलमान हो और मुसलमानो को यहाँ नौकरी आसानी से नही मिलती"!!
#मेरे_भाइयों_आधी_रोटी_खाओ!!
#बच्चों_को_जरूर_पढ़ाओ!!

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Monday, June 1, 2020

जिला-अध्यक्ष किया मनोनीत

भारतीय अनुसूचित जनजागृति समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद झंझोट ने संगठन में युवा प्रकोष्ठ में शामली जनपद का जिला अध्यक्ष प्रमोद कश्यप पुत्र श्री पेरू सिंह कश्यप निवासी माजरा रोड जनपद शामली को मनोनीत किया है और जिला महासचिव परविंदर कुमार पुत्र श्री महेंद्र वाल्मीकि निवासी ग्राम छोटा कुडाना जनपद शामली और शामली विधानसभा प्रभारी अनीस अंसारी पुत्र मोहम्मद इदरीश मोहल्ला पंसारी आन जनपद शामली नगर अध्यक्ष मोहम्मद आबिद पुत्र मोहम्मद बशीर मोहल्ला पंसारी आन जनपद शामली को मनोनीत किया है इनसे आशा व्यक्त किए हैं दलित समाज पिछड़ा गरीब वर्गों के हितों के लिए संगठन द्वारा चले संघर्ष में प्रयास करेंगे और युवा वर्ग को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जोड़कर संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे और जन गरीब समाज के विकास के लिए प्रयास करेंगे संगठन में इन सभी साथियों के मनोनीत होने पर संगठन के पदाधिकारी गण राष्ट्रीय सचिव रामस्वरूप बाल्मीकि पूर्व सभासद प्रदेश अध्यक्ष वर्गिस झंझोट मेन कमेटी जिला अध्यक्ष विनोद सेन मेघ लान नंदू प्रसाद बाल्मीकि जिला संयोजक आदि ने फोन पर हार्दिक शुभकामनाएं वह बधाई दी और सभी साथियों ने आशा व्यक्त की कि इन सभी के  आने से संगठन में मजबूती मिलेगी  भवदीय अरविंद झंझोट 94 57 77 16 39

संकटकाल लगभग 3 महीने होने को है अभी तक सरकार द्वारा गरीब मजदूरों को गरीब परिवारों को मध्यम वर्ग के परिवारों किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद उनके खातों में ने भिजवाई गई है

 भारतीय अनुसूचित जनजागृति समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद झंझोट ने अपने एक प्रेस बयान में कहा है कि करो ना संकटकाल लगभग 3 महीने होने को है अभी तक सरकार द्वारा गरीब मजदूरों को गरीब परिवारों को मध्यम वर्ग के परिवारों किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद उनके खातों में ने भिजवाई गई है जबकि सरकार से गरीब मजदूर परिवार वह मध्यम वर्ग के परिवार के लोग सरकार की ओर एक आस भरी निगाहें लगाए बैठे हैं कि कब सरकार की ओर से कुछ मदद मिले गी इस करो ना संकट काल में जहां मजदूर वर्ग का काम ठप हुआ है मध्यम वर्ग के लोगों का भी काम बंद होने की वजह से अधिकतर गरीब वर्ग के लोगों ने बड़ी विकट समस्याओं का सामना करके यह समय पूरा किया है आज देश में गरीब कमजोर वर्ग वे मध्यमवर्ग आर्थिक तंगी की समस्या से जूझ रहा है और सरकार ने जो मजदूर तबके के लोगों के खाते में ₹1000 भिजवाए जाने की घोषणा की थी वह भी पैसा उनके खातों में अभी तक नहीं पहुंचा है और यह धनराशि सरकार द्वारा जो घोषित की गई थी यह बहुत कम है इसे बढ़ाई जाए और हम अपने संगठन की ओर से माननीय प्रधानमंत्री से आग्रह करते हैं देश में गरीब मजदूर वर्ग वह मध्यमवर्ग के परिवारों को लोक डाउन का प्रतिमाह का उनके नुकसान की भरपाई हेतु ₹10000 प्रति माह के हिसाब से उनके खातों में भिजवाया जाए और माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा जो व्यापारियों के लिए और बेरोजगार लोगों के लिए जो ऋण की योजना बनाई है उसमें ज्यादातर लोगों को पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को 100000 से लेकर 500000 तक ऋण दिलाए जाएं जैसे बड़े व्यापारियों के लिए के ई करोड रुपए के ऋण स्वीकृत किए जा रहे हैं गरीब लोगों को बैंकों द्वारा  ₹50000 का भी ऋण नहीं दिया जाता है इसलिए ज्यादातर गरीब बेरोजगारों को शिक्षित बेरोजगारों को अशिक्षित  बेरोजगारों को 100000 से लेकर 500000 तक के ऋण दिलाई जाए जिससे यह गरीब बेरोजगार लोग भी अपना व्यवसाय शुरू करके आगे बढ़ सके इस कोरोना संकटकाल में बेरोजगारी बढ़ी है इस बेरोजगारी को दूर करने के लिए हर प्रदेश में सरकारी उद्योग स्थापित कर उसमें बेरोजगारों को रोजगार दिलाने की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है भवदीय अरविंद झंझोट 94 57 77 16 39

उत्तर प्रदेश के टूंडला में संस्था आप और हम ,द्वारा रोटी बैंक राहत सेवा,के तहत , वैश्विक महामारी, बाहरी रुके लोगों को 350, डिब्बे भोजन के दिए जिसमें आखरी लॉक डाउन में गरीबों को बेसन के दो दो लड्डू , पूड़ी सब्जी के साथ अचार के पाउच का भी आनंद दिलाया

उत्तर प्रदेश के जिला फिरोजाबाद तहसील टूंडला में दिनांक 30/5/20  को संस्था आप और हम राष्ट्रीय भ्रष्टाचार अपराध मुक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी एस बेदी के नेतृत्व में  निरंतर 1 अप्रैल से ,रोटी बैंक राहत , सेवा  के तहत प्रतिं दिन चल रही       कोरोना वाइरस के चलते पूर्ण रूप से आने जाने वालों पर प्रतिबंध लगा कर शहर को लॉक डाउन कर दिया जिसके चलते  पहले

प्रशासन को भोजन गरीबों के लिए जमा करती रही , अब    संस्था स्वयं  ,  नगर में भोजन वितरण कर रही है। आज  350  ,पैकेट  वितरण किए  संस्था   आप और हम राष्ट्रीय भ्रष्टाचार अपराध मुक्ति संगठन की सेवा जारी है , संस्था  चिन्हित गरीब  परिवारों  को भोजन एक अप्रैल से निरंतर दे रही है
पदाधिकारीगण , बी एस बेदी राष्ट्रीय अध्यक्ष ,/ उपसंपादक सलाम खाकी,   , ,  साजिद अली  ( बाबा) मंडल अध्यक्ष आगरा , बंटी पाल मंडल महासचिव , विमल जैन, सदस्य   ,  ,    ,,  कपिल जैन   तेजिंदर कौर गोल्डी ,  हर्षित ,सुशांत शर्मा     विपिन हलवाई , उमेश राजवानी  ,  किशन सिंह हलवाई , राहुल जैन, , आदि